लोकसभा में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के एक सदस्य सदन के अंदर ई-सिगरेट का इस्तेमाल कर रहे थे। ठाकुर ने कहा कि यह न केवल संसदीय मर्यादा का उल्लंघन है, बल्कि राष्ट्रीय कानून का भी उल्लंघन है।
अध्यक्ष ओम बिरला ने हस्तक्षेप करते हुए स्पष्ट किया कि सदन में ऐसी किसी भी चीज़ की अनुमति नहीं दी गई है। बिरला ने कहा कि यदि इस मामले में कोई लिखित शिकायत दर्ज की जाती है और आरोप की पुष्टि होती है, तो वे कड़ी कार्रवाई करेंगे।
यह मामला प्रश्नकाल के दौरान उठा जब अनुराग ठाकुर ने सदन के नियमों के बार-बार उल्लंघन का मुद्दा उठाया। उन्होंने अध्यक्ष से स्पष्टीकरण मांगा और कहा कि वे चाहते हैं कि पूरा सदन इस गंभीर मुद्दे से अवगत हो। ठाकुर ने सवाल किया, “महोदय, पूरे देश में ई-सिगरेट पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। क्या आपने सदन में इसकी अनुमति दी है?” इस पर ओम बिरला ने जवाब दिया, “नहीं, कोई भी इसकी अनुमति नहीं दे रहा है।”
ठाकुर ने आगे कहा कि टीएमसी के कुछ सांसद इसका सेवन कर रहे हैं और इस मामले की जांच की जानी चाहिए। अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांगों पर प्रतिक्रिया देते हुए ओम बिरला ने दोहराया कि आचार संहिता सभी सांसदों पर समान रूप से लागू होती है। उन्होंने कहा कि किसी भी औपचारिक शिकायत की गंभीरता से जांच की जाएगी और सभी सदस्य सदन की गरिमा बनाए रखें।
ओम बिरला ने कहा कि यदि कोई सांसद इस तरह का मुद्दा लेकर उनके पास आता है, तो वे निश्चित रूप से कार्रवाई करेंगे। ठाकुर के आरोप पर भाजपा सांसद तुरंत खड़े हो गए और अज्ञात विपक्षी सदस्य के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। इस आरोप ने सदन के भीतर पहले से ही तनावपूर्ण माहौल को और बढ़ा दिया, जिससे कुछ देर के लिए व्यवधान हुआ।
बाद में भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने ट्विटर पर लिखा, “क्या फिर वही सिगार पीने वाला टीएमसी सांसद है??”