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जैसा सोचोगे वैसा होगा: मुनि आदित्य सागर का संदेश

:: Editor - Omprakash Najwani :: 11-Dec-2025
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 किशनगढ़। श्रुतसंवेगी महाश्रमण मुनि आदित्य सागर ने गुरुवार प्रातः आरके कम्युनिटी सेंटर में आयोजित धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में कुछ लोगों और कुछ बातों से दूरी बनाए रखना आवश्यक है। नकारात्मक सोच और निराशाजनक संगति व्यक्ति को केवल निराशा ही देती है और उसका ज्ञान भी क्षीण कर देती है। उन्होंने कहा कि आशा बनाए रखो, लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करो और सकारात्मक सोच रखो। निराशावादी व्यक्ति समस्याओं को देखते ही हार मान लेते हैं जबकि आशावादी लोग समाधान खोजने पर ध्यान देते हैं।

उन्होंने कहा कि आशावाद सफलता की नींव है। यह केवल एक विचार नहीं बल्कि वह शक्ति है जो कठिनाइयों के बावजूद आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। जब हम मानते हैं कि सफलता संभव है तो आवश्यक प्रयास करने की ऊर्जा स्वतः उत्पन्न होती है। असफलताएँ और बाधाएँ यात्रा का हिस्सा हैं, लेकिन आशावाद उन्हें सीखने का अवसर बनाता है। मुनि ने कहा कि डरना नहीं चाहिए, हर व्यक्ति में अपार संभावनाएँ हैं। स्वयं आशावादी रहने से दूसरों की निराशा भी आशा में बदल जाती है।

सभा से पूर्व चित्र अनावरण, दीप प्रज्ज्वलन, पाद प्रक्षालन और शास्त्र भेंट का आयोजन हुआ। इसका सौभाग्य श्रावक श्रेष्ठी पदमचंद राजकुमार अनिल कुमार सोगानी परिवार दूदू वाले को प्राप्त हुआ। सायंकालीन श्रुत–समाधान और संगीतमय आरती भी आयोजित हुई।




*आचार्य पुलक सागर का 31वां दीक्षा दिवस मनाया*


कार्यक्रम के दौरान आचार्य पुलक सागर का 31वां दीक्षा दिवस मनाया गया। समाजजनों ने भक्ति भाव से पूजन किया और संगीतकार की सुर लहरियों पर भक्ति नृत्य करते हुए अष्टद्रव्य समर्पित किए। सभी पूर्वाचार्यों को अर्घ अर्पित किए गए।


*भक्तांमर मंडल विधान: पात्रों का चयन, पाटनी बने सोधर्म इंद्र*

पंचायत अध्यक्ष विनोद पाटनी ने बताया कि रविवार 14 दिसंबर को आरके कम्युनिटी सेंटर में होने वाले भक्तामर विधान के मुख्य पात्रों का चयन गुरुवार को बोली द्वारा किया गया। इसमें सोधर्म इंद्र बनने का सौभाग्य विमलकुमार महेंद्र पाटनी को मिला। कुबेर इंद्र के रूप में मनोज कुमार अंशुल वैद, चक्रवर्ती के रूप में दिनेशकुमार झांझरी, महायनायक के रूप में निर्मल कुमार हरीश पाड्या, बाहुबली के रूप में रतनलाल मनीष बडजात्या, ईशान इंद्र के रूप में विजय कुमार गंगवाल, सन्तकुमार इंद्र के रूप में कमलकुमार वेद, यज्ञनायक इंद्र के रूप में अनुप वैद, महेंद्र इंद्र के रूप में प्रकाशचंद पाटनी और महामालेश्वर के रूप में विमल वैद का चयन हुआ।

प्रचार मंत्री गौरव पाटनी ने बताया कि विधान में मुख्य मंगल कलश स्थापना विनय कुमार पवित्र कुमार बड़जात्या परिवार करेगा और पाद प्रक्षालन सम्पत कुमार नवीन कुमार कासलीवाल परिवार द्वारा किया जाएगा। विधान पूजन के लिए अब तक 500 से अधिक भक्तों के पंजीकरण हो चुके हैं।


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