सुजानगढ़ (अजमेर), 7 जनवरी 2025। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री एवं अजमेर सांसद भागीरथ चौधरी ने सुजानगढ़ स्थित मसाणिया भैरव धाम, राजगढ़–अजमेर में मनोकामना पूरण स्तम्भ की 23वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित 7वें भव्य जुलूस, 5100 कलश यात्रा एवं विशाल नशा मुक्ति महारैली में सहभागिता की। चम्पालाल महाराज के सानिध्य में आयोजित यह कार्यक्रम आस्था, अनुशासन, संस्कार और सामाजिक जागरूकता का प्रतीक बना। हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने यह संदेश दिया कि आध्यात्मिक चेतना के साथ जुड़े सामाजिक सरोकार समाज में सकारात्मक परिवर्तन की मजबूत नींव रखते हैं।
इस अवसर पर भागीरथ चौधरी ने कहा कि भारतीय संस्कृति की शक्ति संत परंपरा और सामाजिक मूल्यों में निहित है। नशा आज समाज के लिए एक गंभीर चुनौती बन चुका है और इस प्रकार के आयोजन युवाओं को सही दिशा देने का कार्य करते हैं। मसाणिया भैरव धाम द्वारा नशा मुक्ति, अनुशासन और संस्कारों के लिए किए जा रहे प्रयास सराहनीय एवं अनुकरणीय हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को नशा मुक्त, स्वस्थ और आत्मनिर्भर भारत बनाने की दिशा में सरकार निरंतर कार्य कर रही है, जिसमें संत समाज और सामाजिक संगठनों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
भागीरथ चौधरी ने आयोजक मंडल, संत समाज और समस्त श्रद्धालुओं को इस भव्य एवं प्रेरणादायी आयोजन के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि नशा मुक्त, संस्कारयुक्त और सशक्त भारत का संकल्प केवल सरकार का नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का सामूहिक दायित्व है। कार्यक्रम के दौरान कलश यात्रा, जुलूस और नशा मुक्ति महारैली ने पूरे क्षेत्र में सकारात्मक संदेश का संचार करते हुए सामाजिक एकजुटता का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत किया।