इंडिगो उड़ान संकट: डीजीसीए सख्त, चार निरीक्षक निलंबित; सीईओ पीटर एल्बर्स तलब
देशभर में इंडिगो की हजारों उड़ानों के रद्द होने के बाद मची अव्यवस्था पर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने कड़ा रुख अपनाया है। डीजीसीए ने एयरलाइन सुरक्षा की निगरानी में लापरवाही बरतने पर चार उड़ान संचालन निरीक्षकों (एफओआई) को शुक्रवार को निलंबित कर दिया। ये निरीक्षक इंडिगो के संचालन की देखरेख के लिए जिम्मेदार थे।
विमानन नियामक लगातार इंडिगो के संचालन पर नजर रख रहा है और इसी क्रम में उसने एयरलाइन के सीईओ पीटर एल्बर्स को तलब किया, जो गुरुवार को उसके समक्ष पेश हुए। डीजीसीए के वरिष्ठ अधिकारी 11 घरेलू हवाई अड्डों पर जाकर इंडिगो के संचालन का ऑन–स्पॉट आकलन भी करेंगे।
इंडिगो ने उड़ान रद्द होने से प्रभावित यात्रियों को यात्रा वाउचर के रूप में 10,000 रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है। एयरलाइन ने कहा कि यह वाउचर अगले 12 महीनों में किसी भी यात्रा के लिए उपयोग किया जा सकेगा। कंपनी ने यह भी बताया कि वह लगभग 3 लाख यात्रियों को लेकर 1,950 उड़ानें संचालित करने की उम्मीद कर रही है। यह मुआवजा मौजूदा सरकारी दिशानिर्देशों के अतिरिक्त है, जिनके तहत इंडिगो उन ग्राहकों को 5,000 से 10,000 रुपये तक का भुगतान करेगी जिनकी उड़ानें प्रस्थान से 24 घंटे पहले रद्द की गई थीं।
उधर, पीटर एल्बर्स शुक्रवार को डीजीसीए की चार सदस्यीय समिति के सामने फिर से पेश होंगे। इस समिति में संजय ब्रह्मणे, अमित गुप्ता, कपिल मंगलिक और लोकेश रामपाल शामिल हैं। समिति को इंडिगो में हुए व्यापक परिचालन व्यवधानों के मूल कारणों की पहचान का कार्य सौंपा गया है।
समिति मानव संसाधन नियोजन, रोस्टरिंग सिस्टम की स्थिरता और 1 नवंबर से लागू हुए पायलटों के नए ड्यूटी अवधि एवं विश्राम मानदंडों को लागू करने की एयरलाइन की तैयारी का भी आकलन करेगी।
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