कोडिन कफ सिरप लाइसेंस धारकों को हाईकोर्ट से राहत, गिरफ्तारी पर 17 दिसंबर तक रोक
कोडिन घटक वाले कफ सिरप के कुछ लाइसेंस धारकों को राहत देते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उनकी गिरफ्तारी पर अगली सुनवाई तक शुक्रवार को रोक लगा दी और सुनवाई की अगली तिथि 17 दिसंबर तय की। उत्तर प्रदेश के विभिन्न पुलिस थानों में दर्ज प्राथमिकियों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति अचल सचदेव की पीठ ने पारित किया।
याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि यह मामला एनडीपीएस अधिनियम के तहत नहीं चलाया जाना चाहिए था, क्योंकि कथित तौर पर सिरप में पाए गए घटक एनडीपीएस अधिनियम की धारा 2(11) के तहत परिभाषित “विनिर्मित औषधि” नहीं हैं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा 1985 में जारी अधिसूचना के अनुसार, जिस घटक को लेकर मुकदमा चलाया जा रहा है, वह सरकारी आदेश के उपबंध 35 के अंतर्गत आता है और वह “विनिर्मित औषधि” की श्रेणी में नहीं आता।
वकील ने यह भी कहा कि यदि याचिकाकर्ताओं के खिलाफ कोई कार्रवाई बनती थी तो वह औषधि एवं कॉस्मेटिक्स अधिनियम, 1940 के तहत होनी चाहिए थी, न कि एनडीपीएस अधिनियम के तहत। इस पर अदालत ने कहा कि चूंकि याचिकाकर्ताओं के वकील ने यह आश्वासन दिया है कि सभी याचिकाकर्ता जांच में सहयोग करने के इच्छुक हैं, इसलिए जांच जारी रह सकती है, लेकिन अगली सुनवाई तक उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जाएगा।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जब भी याचिकाकर्ताओं को बुलाया जाएगा, वे जांच अधिकारी के समक्ष निश्चित रूप से उपस्थित होंगे और यह आदेश याचिकाकर्ताओं के वकील के आश्वासन के आधार पर पारित किया गया है।
Latest News
Thu-08-Jan - 78वें सेना दिवस परेड के सफल आयोजन को लेकर समीक्षा बैठक, अजमेर से होगी व्यापक जनभागीदारी
Mon-15-Dec - टेलीग्राम पर बच्चियों के आपत्तिजनक वीडियो साझा करने का आरोप, मेरठ के युवक पर मामला दर्ज